Four Lines Shayari in Hindi - Nice Hindi Poetry

बे सबब बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है
हम खफा कब थे मनाने की ज़रूरत क्या है
आप के दम से तो दुनिया का भरम है कायम
आप जब हैं तो ज़माने की ज़रूरत क्या है